विहान

बाल-कहानियों व कविताओं का पिटारा

गुरुवार, 14 नवंबर 2019

तनु को रोना क्यों आगया ?

›
“ तनू ! ए तनू !” ----उर्वशी बाहर खडी अपनी चार साल की बेटी तनु के बाहर निकलने का इन्तजार करती पुकार रही थी । और तनु माँ की हर आवाज पर ...
4 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

अपना मध्यप्रदेश

›
भारत माँ का ह्रदय - प्रदेश अपना मध्य प्रदेश । गौरवमय देता सन्देश अपना मध्यप्रदेश । विन्ध्य ,  सतपुडा  , शिखर यहाँ हरियाली ह...
4 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 26 जून 2019

बादल बदलो ना ..

›
बादल भैया बदले तुम कबसे देख रहे हैं हम । कभी - कभी तो आते हो नखरे बीस दिखाते हो । पानी भी लाते हो कम ।। बादल भैया बदले तुम ...
6 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 13 जून 2019

कजरी

›
मोहन अपनी गायों को लेकर जंगल में पहुँचा ही था कि पश्चिम की ओर से आसमान में घने बादल उठते दिखे और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरु होगई . म...
6 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 1 दिसंबर 2018

याद है नानी की वह नाराजी .

›
मुझे याद नहीं कि मैं नानी के पास कब आई . मैंने सुना था कि मेरे छोटे भाई ने बहुत जल्दी आकर मुझे माँ की गोद से खोह दे दी थी . तब मेरा ठ...
12 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 23 अगस्त 2018

बादल बरसे रे ...

›
उमड - घमड , घिर आये बादल , रिमझिम बरसे रे .. । चप्पा - चप्पा भीगा , पत्ता - पत्ता हरसे रे ... । कल ही बोली थीं अम्मा --- “...
1 टिप्पणी:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.