विहान
बाल-कहानियों व कविताओं का पिटारा
शनिवार, 4 जुलाई 2015
वर्षा दीदी आई
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दूर देश में रहकर आई , शरमाती मुस्काती छम-छम वर्षा दीदी सोने की पायल छनकाती . उमड़े नदी तलैया , धूल नहाए गौरैया लेके आए सूरज भ...
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मंगलवार, 16 जून 2015
ममा पापा झूठ नही बोलते ?
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नन्हे शैशू को बुखार आगया . ममा यानी हिना ऑफिस से लौटी तो देखा वह सोफा पर लेटा था . नाराज होकर बोली – “ - शैशव यह क...
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गुरुवार, 14 मई 2015
'कामधेनु '
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१९८८ की एक रचना --------------------------- एक तो उम्र का तकाजा और दूसरे खानेपीने में कसर , सो चांदुल सुबह साथी गाय ...
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