विहान
बाल-कहानियों व कविताओं का पिटारा
मंगलवार, 29 दिसंबर 2015
चिड़िया जैसे दिन
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दादाजी की पगडी जैसी लम्बी रातें हैं । मुन्नू जी के चुनमुन चड्डी , झबलों जैसे दिन । लम्बी और उबाऊ , जटिल सवालों सी रातें उछ...
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रविवार, 30 अगस्त 2015
बिन्नी की जीत .
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सात साल की बिन्नी अपने भाई-बहिनों में सबसे बड़ी थी और पढ़ने में सबसे होशियार भी पर खेलने में भी उसका कोई मुकाबला नही था .उसे बगीचे में कचन...
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शुक्रवार, 14 अगस्त 2015
मेरे देश
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स्वतन्त्रता-दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं -------------------------------------------------- मेरे देश अजित अविकल हो अटल यही विश्वास . ...
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शनिवार, 4 जुलाई 2015
वर्षा दीदी आई
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दूर देश में रहकर आई , शरमाती मुस्काती छम-छम वर्षा दीदी सोने की पायल छनकाती . उमड़े नदी तलैया , धूल नहाए गौरैया लेके आए सूरज भ...
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मंगलवार, 16 जून 2015
ममा पापा झूठ नही बोलते ?
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नन्हे शैशू को बुखार आगया . ममा यानी हिना ऑफिस से लौटी तो देखा वह सोफा पर लेटा था . नाराज होकर बोली – “ - शैशव यह क...
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