विहान

बाल-कहानियों व कविताओं का पिटारा

शनिवार, 7 दिसंबर 2024

पतंग--कहानी

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  पतंग ---------------------- सूरज मन में पतंगों की जितनी रंगीन और मीठी कल्पनाएं संजोये रहता था , उसके पिता उतनी ही कड़वाहट के साथ पतंग ...
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शुक्रवार, 29 नवंबर 2024

पंखों वाला बीज

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दोस्तो यह कहानी मेरे नए कहानी संग्रह  'नदी झूठ नहीं बोलती ..' से अवतरित है जो प्रेम प्रवासी पब्लिशिंग भारत 3/186 राजेन्द्रनगर सेक्टर...
मंगलवार, 19 मार्च 2024

बना रही है घर

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  बना रही है घर गौरैया। ---------------------------- जब चाहे तब उडती थी . आँगन - गली फुदकती थी। जहाँ मिला कर लिया बसेरा , चिन्ता ...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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